कानपुर: अंग्रेज तक करते थे जानवरों से प्यार, बनीं थीं नांद हर द्वार: हथिनी से क्रूरता पर बिफरे शहरी|ReadMore|

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By : News RedBull | Published On: Jun 11, 2020 |
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कानपुर: अंग्रेज तक करते थे जानवरों से प्यार, बनीं थीं नांद हर द्वार: हथिनी से क्रूरता पर बिफरे शहरी|ReadMore|

-केरल में हथिनी से क्रूरता करने के मामले में बिफरे शहरी

- इंसानों का उपचार करने के साथ-साथ ये बने हैं जानवरों-पक्षियों के सेवादार

पेड़-पौधों के साथ मर्यादित आचरण ...

 

Online Desk कानपुर।NewsRedbull (शान्तनु चैत्य की ख़ास रिपोर्ट) अंग्रेजों की क्रूरता के किस्से तो बहुत पढ़े गए हैं, लेकिन जानकर ताजुब्ब होगा कि भारत में ब्रिटिश हुकूमत के समय घरों के बाहर नांद बनवाने के लिए बाकायदा हुकूमत का फरमान था, ताकि गर्मी के दिनों में छुट्टा पशु उसमें भरा पानी पीकर अपनी प्यास बुझा सकें। केरल में हथिनी से हुई क्रूरता पर शहरवासी गुस्से में हैं और हम पेश कर रहे हैं दो ऐसी नजीर, जो शायद ऐसा करने वालों को सद्बुद्धि प्रदान कर सके।


 मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रमुख रहे डॉ. संतोष कुमार ने एलनगंज स्थित अपने आवास के बाहर दो माह पहले एक नांदनुमा कंक्रीट का बड़ा पात्र रखवा दिया, जिसमें पानी भरा रहता है। जिससे सड़क पर घूमने वाले जानवर अपनी प्यास बुझाते हैं।

बकौल डॉ. संतोष कुमार उनका जन्म वर्ष 1936 में हुआ था, तब अंग्रेजों का राज था और यह अनिवार्यता थी कि घरों के बाहर जानवरों के पानी पीने के लिए नांद बनवाई जाएं। डॉ. कुमार की बात की तस्दीक कुछ ऐतिहासिक किताबें भी करती हैं।

क्रूरता के कारण गर्भवती हथिनी की मौत ...

FILE PICTURE
 डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि गर्मी की शुरुआत में ही गायों, कुत्तों को सड़क पर पड़ा पानी चाटते देखा, तो बचपन याद आ गया और यह व्यवस्था कर दी। केरल में हथिनी से क्रूरता के मसले पर इनका मत है कि दोषियों को कठोरतम सजा मिले।

चींटियों से पक्षियों तक
आवास-विकास में रहने वाले वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जेके गुप्ता ने अपने फ्लैट की बालकनी में पक्षियों के पानी पीने के लिए इंतजाम कर रखा है। डॉ. जेके गुप्ता रोज कटोरे में पानी भरकर रखते हैं।

अनाज भी पास में ही रख देते हैं।
डॉ जेके गुप्ता के अनुसार जब वह छोटे थे, तो पूजाघर में शक्कर आदि का भोग लगाने की वजह से चींटियां आ जाती थीं, तो पिता ने एक डिब्बे में  रोज शक्कर भरकर रखनी शुरू कर दी। चींटियों को रोज अपना आहार मिलने लगा, तबसे यह सिलसिला आज तक चल रहा है। केरल में हथिनी से हुई क्रूरता पर दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।

Kerala में हथिनी की मौत से, Chennai में ...

जानवरों की सेवा से ही मेवा

ज्योतिषाचार्य केए दुबे पद्मेश के अनुसार ग्रहों के कोप से बचने के लिए जानवरों की सेवा उत्तम उपाय है। केरल वाली घटना के दोषियों को तुरंत दंड देना ही चाहिए।

हाथी बनाता है रुके हुए काम

16 बृहस्पतिवार को हाथी को गुड़-केला खिलाने से रुके हुए काम बनते हैं। बृहस्पति की कृपा मिलती है। शनि के कोप से बचने के लिए शनिवार को काले कुत्ते को सरसों का तेल चुपड़ी रोटी खिलानी चाहिए। बुध की कृपा पाने के लिए बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाना फायदेमंद होता है।

हथिनी के साथ क्रूरता की घटना के ...

मछलियों को दाना खिलाने से राहु के कोप से मुक्ति मिलती है। चींटियों को आटा-शक्कर खिलाने से प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। केतु की शांति के लिए अपने वजन के बराबर ज्वार का आटा मछलियों को खिलाना शुभ फल देता है।

शुक्र से अच्छे फल प्राप्त करने के लिए गौ-सेवा करनी चाहिए। मंगल से मिल रही पीड़ा को शांत करने के लिए लाल मसूर की दाल गाय को खिलाना उत्तम रहता है।

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