Do You Know: भारत में यहाँ है एशिया का पहला टैंक म्यूजियम यहाँ, जानें 5 खास बातें ! NewsRedbull

Picture Courtesy From Social Media

By : News RedBull | Published On: May 07, 2020 |
909


Do You Know: भारत में यहाँ है एशिया का पहला टैंक म्यूजियम यहाँ, जानें 5 खास बातें ! NewsRedbull

देश भर में ऐसे कई स्थान हैं जिन्हें होते हुए भी हम इनके बारे में नहीं जान पाते हैं। ये किसी समंदर में छिपे मोती की तरह होते हैं जिन्हें जरूरत होती है तो सिर्फ ढूंढने की तथा एक्सप्लोर करने की।

आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी ही जगह के बारे में जो कहने को महज एक म्यूजियम है लेकिन देश के सैन्य इतिहास और जीत की कहानियां समेटे हुए है और यह जगह है महाराष्ट्र के अहमद नगर में स्थित कैवेलरी टैंक म्यूजियम।

आइए जानते हैं इस खास म्यूजियम से जुड़ी जानकारियां-

एशिया महाद्वीप का अकेला टैंक संग्रहालय है यह

महाराष्ट्र के अहमद नगर में स्थित कैवेलरी टैंक म्यूजियम भारत का एकमात्र टैंक म्यूजियम है। पूरे एशिया महाद्वीप  का इकलौता म्यूजियम है। इसकी स्थापना आर्म्ड कोर सेंटर एंड स्कूल द्वारा वर्ष 1994 में की गई थी। 

प्रदर्शनी के लिए रखे गए हैं 50 टैंक

इस म्यूजियम में आर्म्ड फाइटिंग व्हीकल के अतिरिक्त तकरीबन पचास टैंक प्रदर्शनी के तौर पर रखे गए हैं। इनमें सबसे पुराने व्हीकल राॅल्स राॅयस आर्म्ड कार तथा चर्चित एमके 7 इन्फेंट्री टैंक है। इनके अलावा यहां जापान निर्मित टाइप- 95 एचए.जीओ लाइट टैंक भी इस म्यूजियम के खास आकर्षण हैं।

ब्रिटिश और अमेरिकन टैंक भी हैं यहां

महाराष्ट्र के इस म्यूजियम में ब्रिटिश आर्चर टैंक डिस्ट्राॅयर, एक कनेडियन (कनाडा) का सेक्स्टाॅन सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी टैंक व्हीकल, अमेरिका का एम-3 स्टूअर्ट एम-22 लोकस्ट लाइट टैंक तथा अमेरिकन एम3 मीडियम टैंक भी देखने को मिलेंगे।

इस म्यूजियम में मौजूद है एक नाजी जर्मन 88 एमएम एंटी एयरक्राफट आर्मड फील्ड गन तथा 3,861 किलोग्राम वजनी आर्म्ड कार भी इस संग्रहालय का लोकप्रिय आकर्षण है।

पाकिस्तानी आर्मी के कई टैंक

इस म्यूजियम में कई पाकिस्तानी मिलिट्री के कई टैंक भी प्रदर्शनी के लिए रखे गए हैं। इनमें पाकिस्तानी आर्मी के वे टैंक शामिल हैं जो सन् 1971 तथा 1965 के भारत पाकिस्तान यद्ध में पाकिस्तान ने इस्तेमाल किए थे। गौरतलब है कि इन दोनों ही युद्ध में पाकिस्तान को भारत के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। इन टैंकों में अमेरिका निर्मित एम 47 पैटटन टैंक भी शामिल है।

यहां रोज आते हैं हजारों सैलानी

Air Force Vijayanta Tank will enhance the glory of War Museum Dharamshala

यह खास संग्रहालय एक ऐसी जगह पर है जहां देशी-विदेशी सहित भारतीय सेना के बख्तरबंद कोर की सभी रेजिमेंट्स के स्मृति चिन्हों को रखा गया है। म्यूजियम पूरे सप्ताह सुबह 09 बजे से 05 बजे तक खुला रहता है। हर रोज यहां हजारों सैलानी दूर-दूर से इन टैंकों को देखने के लिए संग्रहालय पहुंचते हैं और भारतीय सेना की गौरवगाथा से परिचित होते हैं।

Related News

Like Us

HEADLINES

सपा MLA की सुरक्षा में लगे सिपाही ने खुद को गोली से उड़ाया,वजह जानकर हैरान रह जायेंगे आप!NewsRedbull | वाह रे समाज! इस कारण नौ साल की बेटी को देनी पड़ी पिता को मुखाग्नि,पढ़िए खबर|UP|NewsRedbull | महामारी का बढ़ता कहर: जानिए इस देश में अब अमेरिका से ज्यादा रोज़ाना फूट रहा कोरोना बम|Read More| | भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की बहन पर इस युवक ने लगाए कई गंभीर आरोप, मांगा इंसाफ… | तब्लीगी जमात के 2200 विदेशियों पर गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला|पढ़िये खबर,NewsRedbull |