खुशखबरी: इस माहौल में भी योगी ने कसी कमर, 6 महीनों में सृजित की जाएं इतनी लाख नौकरियां|UP|

Picture Courtesy From Social Media

By : News RedBull | Published On: Apr 24, 2020 |
634


खुशखबरी: इस माहौल में भी योगी ने कसी कमर, 6 महीनों में सृजित की जाएं इतनी लाख नौकरियां|UP|

लखनऊ: Online Desk NewsRedbull लॉक डाउन में भी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेरोज़गारी की समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में आगामी तीन से छह महीनों के भीतर कम से कम 15 लाख लोगों के रोजगार सृजन की ठोस कार्य योजना बनाई जाए. उन्होंने इसके सम्बन्ध में विभिन्न विभागों को एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं.
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि MSME, ODOP, NRLM, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना, कौशल विकास मिशन, खादी ग्रामोद्योग तथा मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन के कार्यों में तेजी लाई जाए. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना चुनौती है, जिसके लिए अभी से तैयारी की जाए.

एक सरकारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्तुतिकरण के अवसर पर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे.

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेन्टिसशिप) प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ 2500 रुपये का मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है. एक वर्ष में एक लाख युवाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना के तहत दो लाख युवाओं को जोड़े जाने की कार्य योजना बनाए जाने की सम्भावनाओं को तलाशा जाए."

उन्होंने रोजगार अथवा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वावलम्बन के लिए युवाओं को 'युवा हब' के माध्यम से भी ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग (MSME) और ODOP के तहत रोजगार सृजन की व्यापक सम्भावनाएं हैं. इनके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है.
 

उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म और स्वेटर निर्मित किए जाने के सम्बन्ध में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए सिलाई और स्वेटर मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर महिला स्वयंसेवी समूहों को रोजगार प्रदान किया जाए. इसी प्रकार, खाद्य और फल प्रसंस्करण के माध्यम से भी इन्हें रोजगार प्रदान करने की रणनीति बनाई जाए. इनमें अचार, पापड़, पत्तल आदि बनाने के कार्य शामिल किए जा सकते हैं. इनके अलावा, व्यापक स्तर पर मास्क बनाने के कार्य से भी रोजगार सृजन किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने ग्राम स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को सुदृढ़ बनाते हुए इस मंच के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि व्यापक पैमाने पर दुग्ध समितियों का गठन कर डेरी उद्योग को भी सुदृढ़ किया जा सकता है.

Related News

Like Us

HEADLINES

भयानक अंधविश्वाश: गांव को बचाने के लिए शिवमंदिर में चढ़ा दी अपनी जीभ,जानिए कारण|NewsRedbull | Social Media की नई सनसनी बनी साउथ की यह अभिनेत्री, लोग देख रहे हैं जी भर के PHOTOS! NewsRedbull | कानपुर में खूनी खेल: रंगेहाथ पकडे जाने पर प्रेमी संग किया भाई मो.जफर का कत्ल,रची झूठी कहानी|NewsRedbull | दिन दहाड़े LIC की कैश वैन पर गोलियों की बौछार:लाखों की लूट,जानिए कितने हुए घायल|UP| | आपके SIM के साथ ऐसे हो सिम स्वैप:कस्टमर केयर बनकर अकाउंट से उड़ाए लाखों रुपये|NewsRedbull |