आयुर्वेदिक गार्डन की भूमि पर बने अवैध रेव थ्री मल्टीप्लेक्स,शॉपिंग काम्प्लेक्स को गिराने का आदेश|UP|

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By : News RedBull | Published On: Mar 26, 2019 |
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आयुर्वेदिक गार्डन की भूमि पर बने अवैध रेव थ्री मल्टीप्लेक्स,शॉपिंग काम्प्लेक्स को गिराने का आदेश|UP|

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इलाहाबाद: (NewsRedbull Online Desk)  हाई कोर्ट ने कानपुर मे भैरव घाट पर बने मल्टीप्लेक्स काम्प्लेक्स रेव -3 को तत्काल गिराने का निर्देश दिया है, कोर्ट ने आयुर्वेदिक गार्डेन की ज़मीन का भू प्रयोग व्यावसायिक रूप मे करने के शासनादेश को भी अवैध मानते हुए रद्द कर दिया साथ ही कानून के विपरीत हुई इस पूरी कार्यवाही के लिए राज्य सरकार, कानपुर विकास प्राधिकरण और रेव इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर 15 लाख रूपये का हर्जाना भी लगाया है.

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हाई कोर्ट ने राज्य सरकार व कानपुर विकास प्राधिकरण को हर्जाना की रकम इस अवैध प्रक्रिया के  दोषी पाए जाने वाले अधिकारियो से वसूलने की छूट दी है. इसके लिए जाँच कराकर उनकी जिम्मेदारी तय करके उनके खिलाफ विभागीय जाँच भी कराने को कहा है.

 

- यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ ने कृषक-मज़दूर एवं पशुपालक विकास सेवा समिति कानपुर नगर और अन्य की याचिका को एक्सेप्ट करते हुऐ दिया गया।
कोर्ट ने Rave के पक्ष में भूमि आवंटन और मल्टीप्लेक्स निर्माण को मास्टर प्लान 1977 और 1999 के विपरीत भी पाया। 
- इसका कारण यह था कि उक्त ज़मीन आयुर्वेदिक गार्डन के लिए आरक्षित थी। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह Rave का निर्माण और मल्टीप्लेक्स काम्प्लेक्स का निर्माण और संचालन पूरी तरह से अवैध और कानून का उल्लंघन है।

- कोर्ट ने ये भी कहा कि मामले ने उच्च स्तरीय जांच भी होनी चाहिए और यह निर्णय कोर्ट राज्य सरकार पर छोडती है  कि प्रकरण की विधि अनुसार उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

क्या है पूरा मामला 

- मामले के तथ्यों के अनुसार वर्ष 1934 में कानपुर के भैरव घाट पर आयुर्वेदिक गार्डन के लिए पांच एकड़ से ज्यादा नजूल जमीन 30 साल के लिए लीज पर दी गयी थी ।

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- इस नजूल जमीन पर पक्का निर्माण न करने और केवल आयुर्वेदिक पेड़-पौधे लगाने की शर्त रखी गयी। यह भी शर्त थी कि लीज को तीस वर्ष तक फ़िर से बढ़ाने और अधिकतम 90 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है जिसके बाद ज़मीन सरकार को सौंप दी जाएगी। 1973 में कानपुर विकास प्राधिकरण के गठन हुआ और लीज खत्म करके उसने ये ज़मीन अपने कब्जे में ले ली।

- बाद में KDA ने कानपुर हाट के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा। सरकार ने दिल्ली के क्राफ्ट म्यूसियम की तर्ज़ पर दिए गए प्रस्ताव को मान लिया।

- मामला यही गड़बड़ हो गया। KDA ने बाद में विज्ञापन जारी किया और Rave ने इस सरकारी जमीन पर मल्टीप्लेक्स काम्प्लेक्स बनाने का ठेका हासिल कर लिया।

- बाद में Rave ने शॉपिंग काम्प्लेक्स बनाकर मल्टीप्लेक्स बना दिया और व्यावसायिक प्रयोग किया जाने लगा।

- खंडपीठ ने ये भी कहा कि इस तरह का अवैध निर्माण जब भी कोर्ट या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी के संज्ञान में आने पर उसे ध्वस्त किया जाना चाहिए।

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