भारत का चंद्रयान-2 मिशन: ऐसी ख़बर जिससे हर भारतीय होगा दुखी,पढ़िए |NewsRedbull

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By : News RedBull | Published On: Jan 04, 2019 |
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भारत का चंद्रयान-2 मिशन: ऐसी ख़बर जिससे हर भारतीय होगा दुखी,पढ़िए |NewsRedbull

बेंगलुरु :(Online Desk) देश के चंद्रयान-2 की लांचिंग को झटका लगा है। भारत का दूसरा चंद्र अभियान चंद्रयान-2 का लांच गुरुवार को होने वाला था, लेकिन यह फिर लंबित हो गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यहां आईएएनएस को बताया कि चंद्रयान-2 की लांचिंग की अगली तिथि अभी निश्चित नहीं हुई है।

हालाँकि ऐसा क्यों किया गया है इसका कारण अभी स्पस्ट नहीं किया गया है. अमेरिका, चीन सहित पूरे विश्व की निगाह भारत के इस मिशन पर है।  

यह दूसरा मौका है जब अंतरिक्ष एजेंसी ने मिशन लांच की तिथि स्थगित की है। इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने इससे पहले मीडिया को बताया था कि तीन जनवरी को चंद्रयान-2 लांच करने की योजना है। 

बता दें कि सितंबर माह में ही इसरो के चेयरमैन के. शिवन ने बताया था हम 19 स्पेस मिशन कंडक्ट कराने जा रहे हैं। उन्होंने बताया था कि इसमें 10 सैटलाइट और 9 लॉन्च वीइकल रहेंगे। के. शिवन ने ये भी बताया कि ये सभी मिशन सितंबर से मार्च के दौरान पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर 30 दिनों में 2 लॉन्चिंग करनी होगी और ऐसा इससे पहले कभी नहीं हुआ है।'

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मिशन लंबित होने का कारण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। सिवन ने पहले संवाददाताओं को बताया था कि चंद्रयान को चंद्र तल पर उतारने के लिए मून मिशन लांच करने की खिड़की मार्च तक खुली है। भारत ने चंद्रयान-1 को 22 अक्टूबर 2008 को लांच किया था, जिसके एक दशक बाद 800 करोड़ रुपये की लागत से चंद्रयान-2 को लांच करने जा रहा है। 

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इसरो के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “चंद्रयान -2 के लिए लॉन्च की तारीख की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।” चंद्रयान -2 मिशन की लागत लगभग 115 मिलियन डॉलर होगी और यह चंद्रमा पर लॉन्च किए गए 3,890 किलोग्राम के अंतरिक्ष यान को देखेगा; उन्होंने प्रस्तावित लॉन्च वाहन जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) Mk-3 है। मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की स्थिति का अध्ययन करना और उसकी स्थलाकृति, प्रीडोस्फियर और खनिज विज्ञान पर डेटा एकत्र करना है।

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