तुर्किस्तान से हाइफा पोर्ट को आजाद कराने में भारतीयों के बलिदान की गाथा है तीन मूर्ति हाइफा चौक | NewsRedbull

Picture courtesy from Social Media

By : News RedBull | Published On: Jan 15, 2018 |
285


तुर्किस्तान से हाइफा पोर्ट को आजाद कराने में भारतीयों के बलिदान की गाथा है तीन मूर्ति हाइफा चौक | NewsRedbull

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सितंबर 1918 में तुर्किस्तान से हाइफा पोर्ट को आजाद कराने में भारत का योगदान और सैकड़ों जवानों का बलिदान सर्वविदित और दस्तावेजों में दर्ज है। भारतीय सैनिकों के बलिदान की गाथा है तीन मूर्ति हाइफा चौक 
तीन मूर्ति हाइफा चौक पर पीएम नरेंद्र मोदी अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ। 
  भारत और इजरायल के संबंध सदियों पुराने हैं। 

Image result for teen murti haifa chowk

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सितंबर 1918 में तुर्किस्तान से हाइफा पोर्ट को आजाद कराने में भारत का योगदान और सैकड़ों जवानों का बलिदान सर्वविदित और दस्तावेजों में दर्ज है। यह हाइफा पोर्ट बाद में इजरायल का हिस्सा बन गया। भारत जब ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ करीब-करीब उसी समय इजरायल का भी एक स्वतंत्र देश के रूप में उदय हुआ लेकिन राजनीतिक बाध्यताओं की वजह से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध काफी बाद में स्थापित हुए। भारत आगे चलकर गुट-निरपेक्ष आंदोलन का सदस्य बन गया जबकि इजरायल, अमेरिका और यूरोपीय समूह में शामिल हो गया।    
Image result for teen murti haifa chowk

 भारत हर साल 23 सितंबर को हाइफा दिवस मनाता है। हाइफा दिवस समारोह में इजरायल के राजदूत सहित दूतावास के कर्मचारी हिस्सा लेते हैं। 

Image result for teen murti haifa chowk

इजरायल एक विश्वसनीय रक्षा सहयोगी है। रक्षा प्रौद्योगिकी एवं कृषि क्षेत्र में हमारे लोगों को प्रशिक्षित करने में इजरायल ने हमारी मदद की है। इसके अलावा हाइफा की आजादी की लड़ाई में अपनी शहादत देने वाले हमारे बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए इजरायल ने एक स्मारक का निर्माण कराया है। हाइफा की लड़ाई में जान देने वाले हमारे जवानों की बहादुरी एवं बलिदान के किस्से इजरायल की पाठ्य पुस्तकों में दर्ज हैं।

हाइफा की लड़ाई लड़ने वाले उन वीर जवानों की याद में तीन मूर्ति चौक स्थित इस स्मारक का नामकरण तीन मूर्ति हाइफा चौक किया गया है। ये तीन मूर्तियां हैदराबाद, जोधपुर और मैसूर लैंसर का नुमाइंदगी करती हैं। इसका निर्माण 1930 में ब्रिटिश भारत के दौरान हुआ। इससे लगा हुआ तीनमूर्ति भवन है जो पहले ब्रिटिश इंडियन आर्मी के कमांडर इन चीफ का निवास था।   
Image result for teen murti haifa chowk 
भारत ने इजरायल को दी सम्प्रभु देश की मान्यता भारत ने 1950 में इजरायल को एक सम्प्रभु देश के रूप में मान्यता दे दी थी लेकिन उसके साथ राजनयिक संबंध स्थापित नहीं कर पाए। भारत काफी परिश्रम से फिलिस्तीन और इजरायल दोनों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखा।
Image result for teen murti haifa chowk
 हालांकि, फिलिस्तीन इजरायल का कट्टर दुश्मन देश है। इस तरह के संबंधों को संतुलित बनाए रखने का श्रेय भारत को जाता है। एक-दूसरे को संजीदगी से लेते हुए भारत और इजरायल दोनों एक-दूसरे के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रहे और व्यापार, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा दिया। जबकि इजरायल के साथ भारत के पूर्ण राजनयिक संबंध 1992 में स्थापित हुए। 
Image result for teen murti haifa chowk
Teen Murti Haifa Chawkभारत की मुस्लिम आबादी इजरायल को एक आक्रांता देश के रूप में देखती है और इस बड़ी मुस्लिम आबादी की भावनाओं को देखते हुए भारत सरकार ने इजरायल के साथ संबंधों में कभी वह गर्माहट नहीं दिखाई दी जो आम तौर पर अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय रिश्ते में देखने को मिलता है लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों ने अपने दि्वपक्षीय रिश्ते को पारस्परिक तौर पर बेहतर बनाया है। विगत वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, अनुसंधान, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।  

Related News

Like Us

HEADLINES

BREAKING NEWS : BJP मुख्यालय से अंतिम यात्रा शुरू, नेताओं-समर्थकों की उमड़ी भीड़ NewsRedbull | लखनऊ की 'इस बर्फी' के दीवाने थे अटल बिहारी वाजपेयी ! यादें शेष NEWSREDBULL | अटल जी की समाधि के लिए 1.5 एकड़ जमीन, पढ़ें मुखाग्नि से पहले का पूरा कार्यक्रम NewsRedbull | खेल जगत में शोक की लहर, सचिन-सहवाग समेत इन दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि NewsRedbull | बिग बी ने ऐसे दी अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि NewsRedbull |