Exclusive : हाईकोर्ट की ज़मीन पर अतिक्रमण, मस्जिद हटाये जाने का आदेश- कब्ज़ा लेगा हाईकोर्ट

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By : News RedBull | Published On: Nov 08, 2017 |
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Exclusive : हाईकोर्ट की ज़मीन पर अतिक्रमण, मस्जिद हटाये जाने का आदेश- कब्ज़ा लेगा हाईकोर्ट

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट की जमीन पर अतिक्रमण कर बनी मस्जिद के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मस्जिद को अवैध करार दे दिया. हाईकोर्ट ने तीन माह में मस्जिद हटाकर जमीन का कब्जा हाईकोर्ट को वापस सौंपे जाने का निर्देश दिया है, हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि तय समय के भीतर जमीन पर हाईकोर्ट को कब्जा न सौंपे जाने पर रजिस्ट्रार जनरल पुलिस बल लगा कर जमीन को अपने कब्जे में ले लें. कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड, मस्जिद की प्रबन्ध समिति सहित अन्य पक्षकारों को दूसरी जगह मस्जिद निर्माण के लिए डीएम को अर्जी देने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने इस अर्जी पर आठ हफ्ते में डीएम को निर्णय लेने का भी निर्देश दिया है. 

कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि भविष्य में हाईकोर्ट की जमीन पर पूजा या नमाज पढ़ने की अनुमति कतई न दी जाए. याचिकाकर्ता अधिवक्ता अभिषेक शुक्ल ने हाईकोर्ट की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई मस्जिद को ध्वस्त करने मांग की थी. जिस पर महीनों चली लम्बी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 20 सितम्बर को फैसला सुरक्षित कर लिया था.

  बता दें कि मामले की सुनवाई के दौरान यह मुद्दा उठा था कि हाईकोर्ट के 11 मंजिले कार्यालय भवन के चारों तरफ 11 मीटर जगह खाली रखी जानी है. ताकि अग्निशमन वाहन के परिचालन में कोई दिक्कत न आए. इलाहाबाद जिला प्रशासन और हाईकोर्ट प्रशासन ने भी अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट कोर्ट को दी थी. इसके साथ ही विशेषज्ञ टीम ने भी सर्वे कर भवन के चारों तरफ 11 मीटर जमीन खाली रखने की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी. इस रिपोर्ट में मस्जिद हटाने की भी संस्तुति की गई थी.  
  

 फैसला सुनाये जाने के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जजों के बैठने की हाईकोर्ट में जगह की बेहद कमी है. एक चैम्बर में दो जज बैठने को मजबूर हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि नए कोर्ट भवन बनने में 8 महीने का समय लगेगा और जगह की कमी के कारण जजों को चैम्बर में कोर्ट चलाना पड़ रहा है. इसके साथ ही हाईकोर्ट रिकार्ड रखने की समस्या से भी जूझ रहा है.

यह फैसला चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस एमके गुप्ता की खण्डपीठ ने सुनाया. वहीं मस्जिद अवैध घोषित करने के फैसले के बाद चीफ जस्टिस सहित अन्य कोर्टों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

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